यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति लगातार बढ़ रही है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मई में मुद्रास्फीति दर बढ़कर 3.2% हो गई जो पिछले महीने 3% थी। इससे यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) पर जून की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है।
मुद्रास्फीति बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। ऊर्जा की कीमतों में गिरावट के बाद फिर से वृद्धि हुई है जबकि सेवाओं की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। खाद्य कीमतों की वृद्धि धीमी हुई है लेकिन वे अभी भी उच्च स्तर पर हैं।
विदेशी मुद्रा बाजार में EUR/USD लगभग 1.1670 पर कारोबार कर रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि ECB 11 जून की बैठक में सख्त रुख अपनाता है तो यूरो में और तेजी आ सकती है।
ECB के सामने आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है जबकि मुद्रास्फीति 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि ECB जून की बैठक में कम से कम 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि करेगा। निवेशकों को केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के बयानों पर ध्यान देना चाहिए।