अमेरिकी डॉलर मुद्रास्फीति डेटा के बाद कमजोर: भारतीय ट्रेडर्स के लिए ट्रेडिंग के अवसर
इस सप्ताह विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद दिलचस्प हलचल देखी गई। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) दो सप्ताह में पहली बार 101.50 के स्तर से नीचे गिर गया, जो फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की संभावनाओं के प्रति बाजार की बदलती भावना को दर्शाता है। भारतीय ट्रेडर्स के लिए यह स्थिति डॉलर से जुड़े प्रमुख मुद्रा जोड़ों पर ट्रेडिंग के आकर्षक अवसर खोलती है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा उम्मीद से कम
अमेरिकी श्रम विभाग ने बताया कि अप्रैल माह के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में मासिक वृद्धि केवल 0.2% रही, जो बाजार की 0.3% की अपेक्षा से कम है। वार्षिक मुद्रास्फीति भी पिछले महीने के 3.1% से घटकर 2.8% हो गई। इस डेटा ने इस उम्मीद को मजबूत किया है कि फेड इस वर्ष की दूसरी छमाही में ब्याज दरों में कटौती शुरू कर सकता है।
इस डेटा का तत्काल प्रभाव यह हुआ कि अमेरिकी डॉलर अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कमजोर हो गया। EUR/USD 1.0950 तक बढ़ गया, GBP/USD 1.2720 पर पहुंच गया, जबकि USD/JPY 148.00 से नीचे गिर गया। भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ, USD/INR घटकर 83.50 के स्तर पर आ गया।
इस सप्ताह के प्रमुख ट्रेडिंग अवसर
1. EUR/USD: EUR/USD जोड़ी 1.0900 के प्रमुख प्रतिरोध स्तर को पार कर गई है और अब 1.0950-1.0980 क्षेत्र का परीक्षण कर रही है। RSI सकारात्मक गति दिखा रहा है। प्रमुख समर्थन 1.0850 पर है।
2. XAU/USD (सोना): सोने ने शानदार प्रदर्शन किया है और इसकी कीमत $2,580 प्रति औंस से ऊपर पहुंच गई है, जो डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित-हेवन मांग में वृद्धि से प्रेरित है।
3. USD/JPY: USD/JPY जोड़ी में तेज गिरावट देखी गई। अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दर का अंतर कम होने से USD/JPY पर दबाव बना हुआ है।
भारतीय ट्रेडर्स के लिए टिप्स
- हमेशा स्टॉप लॉस का उपयोग करें – अस्थिर बाजार में जोखिम प्रबंधन महत्वपूर्ण है
- आर्थिक कैलेंडर पर नज़र रखें – अगले सप्ताह GDP और बेरोजगारी डेटा जारी होगा
- पोर्टफोलियो में विविधता लाएं – केवल एक मुद्रा जोड़ी पर फोकस न करें