सोने की कीमतें इस सप्ताह $4,550 से $4,700 प्रति औंस के बीच अस्थिर बनी हुई हैं। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और फेडरल रिज़र्व में नेतृत्व परिवर्तन इस कीमती धातु की चाल के प्रमुख चालक बने हुए हैं।
संस्थागत और खुदरा निवेशक दोनों ही होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच सुरक्षित ठिकाने (safe haven) के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, 99 के स्तर के पास डॉलर की मजबूती सोने की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित कर रही है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, $4,700 का प्रमुख प्रतिरोध स्तर और $4,550 का समर्थन स्तर व्यापारियों के लिए मुख्य फोकस बना हुआ है। इस दायरे से बाहर निकलने से कीमतों में महत्वपूर्ण चाल शुरू हो सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: तेल की कीमतें बढ़ रही हैं
कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, ब्रेंट $110 पर पहुंच गया है जबकि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में नए शिपिंग नियंत्रण लागू कर रहा है। दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति इस रणनीतिक मार्ग से गुजरती है।
भारत, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता के रूप में, तेल की बढ़ती कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। XM जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले व्यापारी कमोडिटी और फॉरेक्स बाजारों में अस्थिर स्थितियों का लाभ उठा सकते हैं।
वैश्विक केंद्रीय बैंक सतर्क बने हुए हैं
दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों में सतर्क रुख बनाए हुए हैं। केविन वार्श के नेतृत्व में फेड से डेटा-आधारित दृष्टिकोण बनाए रखने की उम्मीद है, जबकि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) रुपये की गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है।
प्रमुख केंद्रीय बैंक जैसे ECB, BoJ और BoE सभी ने मौजूदा ब्याज दरों को बनाए रखने का संकेत दिया है। XM भारतीय व्यापारियों को इस गतिशील बाजार वातावरण में अवसरों का लाभ उठाने में मदद करता है।
अस्वीकरण: फॉरेक्स और CFD ट्रेडिंग में उच्च जोखिम होता है। व्यापार करने से पहले जोखिमों को समझना सुनिश्चित करें।