हिन्दी

सोना $4,000 के ऊपर मजबूत, कच्चा तेल दबाव में

अमेरिकी CPI डेटा के बाद सोने की कीमत $4,040/औंस पर कारोबार कर रही है। फेड द्वारा दरों में कटौती की उम्मीदों से सोने को समर्थन मिल रहा है।

WTI कच्चा तेल $72-$74 के दायरे में कारोबार कर रहा है। चीन के कच्चे तेल के आयात में 41% की गिरावट ने वैश्विक ऊर्जा मांग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

xmuct पर व्यापारी विदेशी मुद्रा, सोना और वस्तुओं सहित विभिन्न परिसंपत्तियों में व्यापार कर सकते हैं।

अमेरिकी CPI जून में उम्मीद से अधिक धीमा, डॉलर कमजोर

अमेरिकी श्रम विभाग ने जून के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा जारी किया जो उम्मीद से काफी कम रहा। मासिक CPI -0.4% रहा, जो अनुमानित -0.1% से काफी कम है। वार्षिक CPI घटकर 3.5% हो गया, जो पिछले 4.2% से कम है।

ऊर्जा सूचकांक में -5.7% की गिरावट आई – जो अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। आवास लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई, जो केवल 0.1% बढ़ी – जनवरी 2021 के बाद सबसे कम।

बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई, EUR/USD और GBP/USD में तेजी आई। सोना $4,000 के ऊपर मजबूत बना हुआ है। फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

फेड अध्यक्ष Warsh ने कांग्रेस की सुनवाई में मुद्रास्फीति पर सख्त रुख अपनाया लेकिन अल्पकालिक ब्याज दर मार्गदर्शन देने से परहेज किया। बाजार ने इसे तटस्थ से नरम संकेत के रूप में व्याख्यायित किया।

चीन का जून व्यापार डेटा भी उम्मीद से बेहतर रहा – निर्यात +27%, आयात +36%, व्यापार अधिशेष $1,256 बिलियन।

xmuct प्लेटफॉर्म पर व्यापारी इस बाजार की स्थितिय Neh Neh का लाभ उठाकर विदेशी मुद्रा और सोने में लाभदायक व्यापार कर सकते हैं।

अमेरिकी डॉलर मंगलवार, 9 जून 2026 को मजबूत होता रहा, जिससे वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजारों में महत्वपूर्ण हलचल देखी गई। DXY सूचकांक में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यूरो और पाउंड सहित प्रमुख मुद्राओं पर दबाव पड़ा।

EUR/USD जोड़ी 1.1540 पर कारोबार कर रही है, जो कई हफ्तों में अपने सबसे निचले स्तर पर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के बीच मौद्रिक नीति में अंतर यूरो पर दबाव डालने वाला प्रमुख कारक है। Fed उच्च ब्याज दरों के साथ अपना सख्त रुख बनाए हुए है, जबकि ECB से जल्द ही मौद्रिक नीति को उदार बनाने की उम्मीद है।

GBP/USD 1.3350 पर है, ब्रिटिश पाउंड कई कारकों से दबाव का सामना कर रहा है। यूनाइटेड किंगडम के नवीनतम आर्थिक आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है, विनिर्माण और सेवा पीएमआई दोनों उम्मीद से कम हैं। ब्रिटेन में मुद्रास्फीति अभी भी उच्च है, जो बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की ब्याज दरों में कटौती करने की क्षमता को सीमित करती है।

NZD/USD 0.5800 के स्तर से ऊपर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो न्यूजीलैंड के सबसे बड़े व्यापार भागीदार चीन की अर्थव्यवस्था की कमजोरी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चीन से घटती वस्तु मांग ने न्यूजीलैंड के निर्यात को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। AUD/USD 0.7050 पर कारोबार कर रहा है, जो समान दबाव का सामना कर रहा है।

कमोडिटी बाजारों में, सोने की कीमत में 0.39% की मामूली वृद्धि हुई और यह $4,334 प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने पर दबाव डालता है, लेकिन सुरक्षित परिसंपत्ति की मांग अभी भी इस कीमती धातु की कीमतों का समर्थन कर रही है। निवेशक वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण और उच्च मुद्रास्फीति को लेकर चिंतित हैं।

WTI क्रूड तेल $90.85-$91.07 प्रति बैरल की सीमा में कारोबार कर रहा है, जो पिछले एक महीने में 7.14% गिरा है। इस गिरावट का मुख्य कारण कमजोर मांग की चिंता है, खासकर चीन और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से। अमेरिकी तेल उत्पादन में लगातार वृद्धि भी तेल की कीमतों पर दबाव डाल रही है।

अमेरिकी शेयर बाजार, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर शेयरों में आज के कारोबारी सत्र में आंशिक सुधार हुआ। Nvidia, AMD और अन्य सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में उछाल आया क्योंकि निवेशकों ने खरीदारी की, जो मानते हैं कि शेयर की कीमतें बहुत अधिक गिर गई हैं। Nasdaq सूचकांक भी इस सुधार के साथ बढ़ा।

विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशक इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी CPI सूचकांक पर बारीकी से नज़र रखें, क्योंकि यह Fed की अगली ब्याज दर नीति की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण कारक होगा। आने वाले हफ्तों में केंद्रीय बैंकों की बैठकों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

अमेरिकी डॉलर सूचकांक सोमवार को मजबूत खुला, प्रमुख मुद्राओं पर दबाव

अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) ने सोमवार को नए ट्रेडिंग सप्ताह की शुरुआत में तेज उछाल दर्ज की, जो पिछले सप्ताह के अंत से शुरू हुई रिकवरी को आगे बढ़ाता है। इस वृद्धि ने वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजारों में अधिकांश प्रमुख मुद्राओं पर महत्वपूर्ण दबाव डाला है, क्योंकि व्यापारी आगामी अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की नीति बैठक से पहले अपनी स्थिति को समायोजित कर रहे हैं।

सबसे हालिया ट्रेडिंग डेटा के अनुसार, GBP/USD ने एक अत्यधिक अस्थिर सप्ताह का अनुभव किया और सप्ताहांत पर 1.33296 पर बंद हुआ, जो महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्रों के परीक्षण के बाद काफी कम स्तर है। यह जोड़ी वर्तमान में मई के मध्य के निचले स्तर का पुनः परीक्षण कर रही है, एक तकनीकी संकेत जो दर्शाता है कि बाजार में बिक्री का दबाव अभी भी मौजूद है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि पाउंड 1.3300 के समर्थन स्तर से ऊपर बने रहने में विफल रहता है, तो 1.3100 क्षेत्र में और गिरावट की संभावना है।

यूरो भी इस प्रवृत्ति से अछूता नहीं है, सोमवार की शुरुआत में EUR/USD कम कारोबार कर रहा है, जो Fed और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) दोनों की मौद्रिक नीति अनिश्चितताओं के प्रति निवेशकों की सतर्क भावना को दर्शाता है। इन दो प्रमुख केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दर पथ में अंतर विनिमय दर आंदोलनों को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कारक है।

सोना ध्यान का केंद्र बना हुआ है क्योंकि इस कीमती धातु की कीमत बढ़कर US$4,350 प्रति औंस हो गई, जो मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से सुरक्षित आश्रय की मांग से प्रेरित है। सोने के व्यापारी इस क्षेत्र के विकास पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि किसी भी वृद्धि से आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतें और भी ऊपर जा सकती हैं।

ऊर्जा बाजारों में, WTI क्रूड ऑयल पिछले सप्ताह US$88.28 प्रति बैरल पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताह बुधवार को हासिल किए गए US$94.84 के उच्च स्तर से काफी नीचे है। जुलाई में उत्पादन बढ़ाने के OPEC+ के निर्णय ने तेल की कीमतों पर गिरावट का दबाव डाला है, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अभी भी उच्च स्तर पर समर्थन प्रदान कर रहा है।

आगामी Fed बैठक वैश्विक वित्तीय बाजारों का केंद्र बिंदु है। निवेशक Fed द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने या मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए एक और दर वृद्धि लागू करने की संभावना पर दांव लगा रहे हैं। Fed से किसी भी hawkish संकेत से अमेरिकी डॉलर की ताकत और मजबूत हो सकती है और अन्य मुद्राओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

इस बीच, वैश्विक शेयर बाजारों में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है। अमेरिकी S&P 500 इंडेक्स ने लगातार 9 दिनों की बढ़त का सिलसिला समाप्त कर दिया है, जो दर्शाता है कि वॉल स्ट्रीट पर सतर्क भावना लौट रही है। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी मिश्रित गतिविधियां दर्ज की गईं, जो वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण के बारे में अनिश्चितता को दर्शाती हैं।

विदेशी मुद्रा व्यापारियों को कई महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाओं और आगामी मौद्रिक नीति निर्णयों के साथ एक उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सप्ताह के लिए तैयार रहना चाहिए। सख्त जोखिम प्रबंधन और प्रमुख तकनीकी स्तरों की करीबी निगरानी वर्तमान बाजार के माहौल में सफलता की कुंजी होगी।

Indian traders ke liye USD/INR sabse important currency pair hai.

USD/INR: Rupee 85-87 range mein trade kar raha hai. RBI policy aur crude oil prices ko dekhein.

EUR/USD: ECB interest rate policy aur European economic data ko follow karein.

फॉरेक्स ट्रेडिंग विभिन्न मुद्राओं के बीच विनिमय करके लाभ कमाने की प्रक्रिया है।

प्रमुख मुद्रा जोड़े: EUR/USD, GBP/USD, USD/JPY
स्प्रेड खरीद और बिक्री मूल्य का अंतर है।
लिवरेज आपको कम पूंजी के साथ बड़ी पोजीशन नियंत्रित करने देता है।

XM के साथ शुरू करें।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, में बढ़ते संकट ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

डॉलर इंडेक्स (DXY) 99 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जो भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सतर्क बाजार भावना को दर्शाता है। निवेशक सुरक्षित ठिकानों (safe haven) की ओर रुख कर रहे हैं, जबकि सोने की कीमत $4,550 से $4,700 प्रति औंस के बीच उतार-चढ़ाव कर रही है।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नई शिपिंग ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली की घोषणा की है जो केवल तेहरान के साथ सहयोग करने वाले जहाजों के लिए खुलेगी। इस कदम ने वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान की आशंका को बढ़ा दिया है, जिससे ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है।

भारतीय बाजारों पर प्रभाव

भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निम्न स्तर के करीब पहुंच गया है, जो लगभग 96 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा है। बढ़ती तेल आयात लागत के कारण भारत, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता के रूप में, इस संकट से विशेष रूप से प्रभावित हुआ है।

इस बीच, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) रुपये की स्थिरता के लिए बाजार की गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI यदि आवश्यक हुआ तो रुपये को समर्थन देने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।

केविन वार्श ने फेड अध्यक्ष का पदभार संभाला

केविन वार्श ने आधिकारिक रूप से फेडरल रिज़र्व के नए अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। बाजार वार्श के पहले भाषण का इंतजार कर रहे हैं ताकि मौद्रिक नीति की दिशा के बारे में संकेत मिल सके। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 4.607% पर उच्च बनी हुई है।

XM के साथ, भारत के व्यापारी इन अस्थिर बाजार स्थितियों का लाभ उठा सकते हैं। XM का प्लेटफॉर्म फॉरेक्स, कमोडिटी और स्टॉक इंडेक्स सहित विभिन्न वित्तीय उपकरणों तक पहुंच प्रदान करता है।

अस्वीकरण: फॉरेक्स और CFD ट्रेडिंग में उच्च जोखिम होता है। व्यापार करने से पहले जोखिमों को समझना सुनिश्चित करें।