फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में लीवरेज सबसे आकर्षक लेकिन सबसे जोखिम भरी सुविधाओं में से एक है। इसकी मदद से ट्रेडर अपनी जमा राशि से कहीं बड़ी पोजीशन खोल सकता है। सही समझ के बिना लीवरेज का इस्तेमाल खाते को जल्दी खाली कर सकता है।

1. लीवरेज कैसे काम करता है
लीवरेज का मतलब है ब्रोकर द्वारा दी गई उधार क्षमता। पोजीशन खोलने के लिए आपको पूरी राशि नहीं, बल्कि उसका एक हिस्सा मार्जिन के रूप में जमा करना होता है। लाभ और हानि दोनों पूरी पोजीशन के आकार पर गिने जाते हैं।
2. मार्जिन और मार्जिन कॉल
जब खुली पोजीशन में नुकसान बढ़ता है और खाते की इक्विटी आवश्यक मार्जिन स्तर से नीचे चली जाती है, तो ब्रोकर मार्जिन कॉल दे सकता है। अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो पोजीशन अपने आप बंद की जा सकती है।
3. लीवरेज दोधारी तलवार है
थोड़ा-सा बाज़ार उतार-चढ़ाव भी ऊंचे लीवरेज पर खाते पर बड़ा असर डाल सकता है। जितना ज़्यादा लीवरेज, उतनी कम गलती की गुंजाइश।
4. सुरक्षित उपयोग के तरीके
कम प्रभावी लीवरेज से शुरुआत करें; हर ट्रेड में पूंजी का केवल छोटा हिस्सा जोखिम में डालें; हर पोजीशन पर स्टॉप लॉस लगाएं; और खाते में पर्याप्त खाली मार्जिन रखें।
5. नियम और ब्रोकर
अलग-अलग देशों और ब्रोकरों में अधिकतम लीवरेज के नियम अलग होते हैं। ट्रेडिंग से पहले विनियमित ब्रोकर चुनें और उसकी मार्जिन शर्तें ध्यान से पढ़ें।
यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है और निवेश सलाह नहीं है। फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में उच्च जोखिम होता है।