इस सप्ताह को ‘सेंट्रल बैंक सुपर वीक’ कहा जा रहा है, क्योंकि दुनिया के पांच प्रमुख केंद्रीय बैंक – फेडरल रिजर्व (Fed), यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB), बैंक ऑफ जापान (BOJ), बैंक ऑफ इंग्लैंड (BOE) और बैंक ऑफ कनाडा (BOC) – अपने ब्याज दर निर्णयों की घोषणा करने वाले हैं। यह एक ऐतिहासिक सप्ताह है जो वैश्विक मुद्रा बाजारों की दिशा तय करेगा।
फेडरल रिजर्व से सख्त रुख अपनाने की उम्मीद है, जबकि ECB मुद्रास्फीति के दबाव के बीच दरों को स्थिर रख सकता है। वहीं, बैंक ऑफ जापान से अपनी अल्ट्रा-लूज़ मौद्रिक नीति में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे USD/JPY जोड़ी में भारी अस्थिरता देखी जा रही है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के लिए चुनौती यह है कि यूरोज़ोन की मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन सेवा क्षेत्र में मूल्य दबाव अभी भी मजबूत है। ECB अध्यक्ष के हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि वे दरों में कटौती करने से पहले और अधिक डेटा देखना चाहेंगे।
बैंक ऑफ इंग्लैंड के सामने ब्रेक्सिट के बाद की आर्थिक चुनौतियाँ और उच्च मुद्रास्फीति का दबाव है। विश्लेषकों का मानना है कि BOE या तो दरों में बढ़ोतरी करेगा या फिर सख्त रुख बनाए रखेगा, जिससे ब्रिटिश पाउंड को समर्थन मिल सकता है।
बैंक ऑफ कनाडा पहले ही दरों में कटौती कर चुका है, लेकिन अब वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच वह किसी भी नए कदम को लेकर सतर्क रह सकता है। कनाडाई डॉलर तेल की कीमतों से प्रभावित होता है, और हॉरमुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल की कीमतों में उछाल ने CAD को कुछ समर्थन दिया है।
“यह साल का सबसे महत्वपूर्ण सप्ताह है,” एक प्रमुख मुद्रा ब्रोकर ने कहा। “पांच केंद्रीय बैंकों के फैसले वैश्विक मुद्रा बाजारों में नई दिशा तय करेंगे। व्यापारियों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए।”
EUR/USD जोड़ी इस सप्ताह 1.08 के स्तर के आसपास अस्थिर रह सकती है। GBP/USD के लिए 1.27-1.28 का दायरा महत्वपूर्ण होगा, जबकि USD/JPY में BOJ के किसी भी आश्चर्यजनक कदम से बड़ी हलचल देखी जा सकती है।
भारतीय बाजार के लिए, इन फैसलों का असर USD/INR जोड़ी पर पड़ेगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख भी इन घटनाक्रमों से प्रभावित होगा। यदि फेड सख्त रहता है, तो FII भारतीय बाजारों से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ेगा।
व्यापारियों को सलाह है कि वे प्रमुख आर्थिक घोषणाओं के समय अपने पोजीशन का आकार कम रखें और स्टॉप-लॉस का उपयोग करें। इस सप्ताह की अस्थिरता से बचने के लिए हेजिंग रणनीतियाँ अपनाना बुद्धिमानी होगी।