सोमवार को चीन के विदेशी मुद्रा कारोबार केंद्र ने डॉलर के मुकाबले युआन का बीच रेट 6.7698 प्रति डॉलर घोषित किया, जो पिछले कारोबारी दिवस के 6.7743 से 45 आधार अंक कम है। विदेशी मुद्रा बाजार की भाषा में यह आंकड़ा युआन के मूल्य में वृद्धि को दर्शाता है, क्योंकि डॉलर के मुकाबले संख्या घटने का अर्थ है कि एक डॉलर खरीदने के लिए कम युआन चाहिए। यह लगातार चौथा कारोबारी दिवस है जब युआन के बीच रेट में मजबूती दर्ज की गई है। गौरतलब है कि पिछले सत्र में यह वृद्धि केवल 23 आधार अंक थी, जबकि आज यह बढ़कर 45 आधार अंक हो गई, यानी मजबूती की रफ्तार लगभग दोगुनी हो गई है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक बीच रेट में यह तेजी सिर्फ एक तकनीकी घटना नहीं है, बल्कि यह निवेशकों की मानसिकता में आए बड़े बदलाव का संकेत है। लगातार चार सत्रों की बढ़त से यह साफ होता है कि युआन के प्रति भरोसा लौट रहा है और बाजार में निवेशक अब युआन पर दांव लगाने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। इस दौरान युआन के खिलाफ शॉर्ट पोजीशन रखने वालों को नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे आगे और मजबूती की उम्मीद बनी हुई है।
यही नहीं, ऑनशोर स्पॉट बाजार में भी युआन की मजबूती देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले ऑनशोर युआन दर लगभग 6.708 से 6.711 के स्तर पर कारोबार करती दिखी, यानी यह 6.71 के स्तर को तोड़कर आगे निकल गई। ऑफशोर और ऑनशोर, दोनों बाजारों की हाजिर दर बीच रेट से काफी मजबूत बनी हुई है, जो यह दिखाती है कि बाजार का वास्तविक अनुमान सरकारी संदर्भ दर से ज्यादा आशावादी है। जब हाजिर बाजार बीच रेट से लगातार मजबूत दिखता है, तो यह आमतौर पर आगे और मजबूती के संकेत के तौर पर पढ़ा जाता है।
चीन के प्रमुख बैंक की संदर्भ कीमतों में भी इसी रुझान की झलक मिलती है। सोमवार को प्रकाशित कारोबारी कीमतों में 100 डॉलर के लिए लगभग 672.55 युआन, 100 यूरो के लिए करीब 781.07 युआन, 100 जापानी येन के लिए लगभग 4.3871 युआन और 100 हांगकांग डॉलर के लिए करीब 85.72 युआन निर्धारित किए गए। ये आंकड़े बताते हैं कि युआन न केवल डॉलर के मुकाबले, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भी अपनी स्थिति मजबूत बना रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भी युआन एक मजबूत स्थिति में कारोबार कर रहा है। यूरो के मुकाबले युआन का बीच रेट लगभग 7.8149, ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले करीब 9.1185, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले लगभग 4.8231 और स्विस फ्रैंक के मुकाबले करीब 8.2608 के स्तर पर तय किया गया। इसके अलावा युआन के मुकाबले दक्षिण कोरियाई वॉन लगभग 200.34, दक्षिण अफ्रीकी रैंड करीब 2.3963, तुर्की लीरा लगभग 7.20415 और मैक्सिकन पेसो करीब 2.5128 के स्तर पर रहा। यह विस्तृत तस्वीर दिखाती है कि युआन की मजबूती किसी एक जोड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि कई प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले एक व्यापक रुझान बन चुकी है।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी डीएक्सवाई लगभग 99.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिसमें करीब 0.10 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज हुई। इसका मतलब यह है कि डॉलर ने 99 के मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखा और उसके ऊपर थोड़ी मजबूती भी हासिल की। इस तरह बाजार में एक दिलचस्प द्वंद्व देखने को मिल रहा है, जहां एक तरफ युआन लगातार मजबूत हो रहा है, तो दूसरी तरफ डॉलर भी अपनी जमीन नहीं छोड़ रहा। हालांकि तुलनात्मक रूप से देखें तो युआन की गति ज्यादा स्पष्ट और मजबूत बनी हुई है।
यह स्थिति निवेशकों के लिए कई मायनों में अहम है। जो लोग विदेशी मुद्रा या वायदा बाजार में कारोबार करते हैं, उनके लिए यह संकेत महत्वपूर्ण है कि युआन के खिलाफ लगातार दांव लगाना अब जोखिम भरा हो सकता है। साथ ही, चूंकि डॉलर इंडेक्स 99 के ऊपर टिका हुआ है, अमेरिकी मुद्रा में भी पूरी तरह कमजोरी नहीं आई है, इसलिए आगे के सत्रों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो युआन के बीच रेट में लगातार चार दिन की बढ़त और रोजाना बढ़ती मजबूती की रफ्तार एक मजबूत रुझान का संकेत देती है। अगर आने वाले सत्रों में भी यही गति बनी रहती है, तो युआन और मजबूत स्तरों की ओर बढ़ सकता है। ऑनशोर बाजार में 6.71 के स्तर को तोड़ना भी इस बात का प्रमाण है कि वास्तविक मांग मजबूत है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि मुद्रा बाजार में अच्छी खबरों का असर लंबे समय तक एकतरफा नहीं रहता। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंकों की नीतिगत बयानबाजी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती है। इसलिए कारोबारियों को चाहिए कि वे केवल एक दिन के आंकड़े पर निर्भर न रहें, बल्कि समग्र रुझान और जोखिम प्रबंधन को ध्यान में रखें।
कुल मिलाकर सोमवार का सत्र यह संदेश देता है कि युआन इस समय वैश्विक मुद्रा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। बीच रेट में 45 आधार अंक की बढ़ोतरी, लगातार चौथे दिन की मजबूती, ऑनशोर बाजार में 6.71 के स्तर का टूटना और डॉलर इंडेक्स का 99 पर टिकना, ये सभी संकेत मिलकर एक ऐसी तस्वीर बनाते हैं जिसमें युआन का पलड़ा भारी दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मजबूती और आगे बढ़ती है या फिर बाजार किसी नए संतुलन की ओर बढ़ता है।
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे बाजार की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखें और अपनी स्थिति को बाजार के वास्तविक रुझान के अनुसार समायोजित करते रहें। चूंकि अभी संकेत मिले-जुले हैं, ऐसे में संतुलित और सतर्क रणनीति अपनाना ही समझदारी होगी।